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बस्ती में खाकी का ‘कवच’ और जिस्मफरोशी का धंधा: दा हैवन ग्लो स्पा में नेपाल की युवतियों से सज रही महफिल

मसाज पार्लर की आड़ में 'गंदा धंधा': SOG के हेड कांस्टेबल की सरपरस्ती में चल रहा सेक्स रैकेट?

अजीत मिश्रा (खोजी)

।। आस्था की नगरी में ‘जिस्मफरोशी’ का जाल; खाकी के संरक्षण में फल-फूल रहा अवैध कारोबार।।

मंगलवार 20 जनवरी 26, उत्तर प्रदेश।

बस्ती। उत्तर प्रदेश का बस्ती जनपद, जो अपनी सांस्कृतिक विरासत और पौराणिक पहचान के लिए जाना जाता है, इन दिनों कुछ सफेदपोशों और रसूखदारों की मिलीभगत से ‘अनैतिक देह व्यापार’ का केंद्र बनता जा रहा है। शहर के रिहायशी इलाकों और मुख्य बाजारों में संचालित स्पा सेंटरों की आड़ में मसाज के नाम पर जिस्मफरोशी का धंधा खुलेआम फल-फूल रहा है। ताज़ा मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के सत्येंद्र गेस्ट हाउस के पास स्थित ‘दा हैवन ग्लो स्पा’ से जुड़ा है, जिसने जिले की कानून व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

​मसाज पार्लर या ‘अयाशी’ का अड्डा?

​सूत्रों के मुताबिक, ‘दा हैवन ब्लू स्पा’ में मसाज तो महज एक मुखौटा है, असल खेल इसके अंदर बने केबिनों में खेला जाता है। आरोप है कि यहाँ अनैतिक देह व्यापार का बड़ा नेटवर्क संचालित हो रहा है। इस गोरखधंधे का केंद्र बिंदु मैनेजर विक्की चौहान नाम का व्यक्ति बताया जा रहा है। विक्की चौहान न केवल स्पा सेंटर का संचालन देख रहा है, बल्कि फोन कॉल पर ग्राहकों को लुभाने के लिए विदेशी युवतियों की उपलब्धता का दावा भी करता है।

​अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की आशंका: नेपाल से जुड़े तार

​इस मामले का सबसे गंभीर पहलू नेपाल की युवतियों की मौजूदगी का दावा है। यदि मैनेजर द्वारा किए जा रहे दावे सच हैं, तो यह मामला केवल स्थानीय अनैतिक देह व्यापार तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह ‘ह्यूमन ट्रैफिकिंग’ (मानव तस्करी) और एक अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट की ओर इशारा करता है। आखिर ये युवतियां किन रास्तों से और किसके माध्यम से बस्ती पहुंच रही हैं? क्या इनके पास वैध दस्तावेज हैं? यह जांच का विषय है। आरोप तो यह भी है कि विक्की चौहान रात के अंधेरे में होटलों तक लड़कियों की ‘सप्लाई’ सुनिश्चित करता है।

​खाकी पर दाग: SOG के हेड कांस्टेबल की संदेहास्पद भूमिका

​किसी भी अवैध धंधे को फलने-फूलने के लिए रसूख और संरक्षण की आवश्यकता होती है। चर्चा है कि ‘दा हैवन ब्लू स्पा’ को पुलिस महकमे के ही एक SOG (Special Operation Group) में तैनात हेड कांस्टेबल का वरदहस्त प्राप्त है। सूत्रों का दावा है कि:

  • 15 जनवरी की रात करीब 8 बजे उक्त हेड कांस्टेबल को स्पा सेंटर में देखा गया था।
  • ​मैनेजर विक्की चौहान खुलेआम कहता है कि “पुलिस को महीना जाता है, किसी से डरने की जरूरत नहीं है।”
  • ​यदि संबंधित हेड कांस्टेबल के मोबाइल की लोकेशन और कॉल डिटेल (CDR) खंगाली जाए, तो इस नेटवर्क के तार जिले के अन्य स्पा सेंटरों से भी जुड़ सकते हैं।

​कप्तान की छवि को धूमिल करने की साजिश

​बस्ती जिले की कमान वर्तमान में एक तेजतर्रार और ईमानदार छवि वाले कप्तान अभिनंदन के हाथों में है। जहां एक ओर कप्तान अपराधियों पर नकेल कस रहे हैं, वहीं विभाग के ही कुछ ‘विभीषण’ अपनी स्वार्थ सिद्धि के लिए कप्तान की मेहनत और पुलिस की साख पर बट्टा लगा रहे हैं। एक हेड कांस्टेबल स्तर के कर्मचारी का स्पा सेंटरों में नियमित आना-जाना और संचालकों से घनिष्ठता पुलिस की खुफिया इकाई (LIIU) की विफलता को भी दर्शाता है।

​क्या होगी कार्रवाई?

​जनता अब इस मामले में कड़े एक्शन की उम्मीद कर रही है। ‘दा हैवन ग्लो स्पा’ के सीसीटीवी फुटेज, मैनेजर के व्हाट्सएप चैट और संदिग्ध पुलिसकर्मी की मोबाइल लोकेशन इस पूरे गिरोह का पर्दाफाश करने के लिए पर्याप्त सबूत साबित हो सकते हैं।

निष्कर्ष:

बस्ती पुलिस को चाहिए कि वह केवल स्पा संचालकों पर ही नहीं, बल्कि उन्हें संरक्षण देने वाले अपने विभाग के ‘काली भेड़ों’ पर भी कार्रवाई करे। अगर समय रहते इस सिंडिकेट को नहीं तोड़ा गया, तो नेपाल से जुड़े इस तार के कारण आने वाले समय में जिले की सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।

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